*ख़ुलासा ए ख़ुतबा ए ग़दीर* *एक अहम ऐलान के लिये हुक्मे परवरदिगार*रसूले ख़ुदा (स) ने हम्द व सना ए परवरदिगारे आलम के बाद इरशाद फ़रमाया:मैं बंदगी ए परवरदिगार का इक़रार करता हूँ और गवाही देता हूँ कि वह मेरा रब है और उसने जो कुछ मुझ पर नाज़िल किया मैंने उसे पहुचा दिया है, कहीं ऐसा न हो कि कोताही की सूरत में वह अज़ाब नाज़िल हो जाये जिसका दफअ करने वाला कोई न हो..... उस ख़ुदा ए करीम ने मुझे यह हुक्म दिया है कि ऐ रसूल, जो हुक्म तुम्हारी तरफ़ अली के बारे में नाज़िल किया गया है उसे पहुचा दो और अगर तुम ने ऐसा नही किया तो रिसालत की तबलीग़ ने नही की और अल्लाह तुम्हे लोगों के शर से महफ़ूज़ रखेगा।ऐ लोगो, मैंने हुक्मे ख़ुदा की तामील में कोई कोताही नही की। जिबरईल (अ) तीन मरतबा मेरे पास सलाम व हुक्मे ख़ुदा लेकर नाज़िल हुए कि मैं इसी मक़ाम पर ठहर कर हर सियाह व सफ़ेद को यह इत्तेला दे दूँ कि अली बिन अबी तालिब मेरे भाई, वसी, जानशीन और मेरे बाद इमाम हैं। उनकी मंज़िलत मेरे नज़दीक वैसी ही है जैसे मूसा (अ) के लिये हारुन की थी, फ़र्क़ सिर्फ़ यह है कि मेरे बाद कोई नबी न होगा। वह अल्लाह और रसूल के बाद तुम्हारे हाकिम व वली हैं....।*خلاصہ خطبہ غدیر* ۱۔ *ایک اہم اعلان کے لئے حکم پروردگار*رسول خدا (ص) نے حمدو ثنائے پروردگار عالم کے بعد ارشاد فرمایا:میں بندگی پروردگار کا اقرار کرتا ہوں اور گواہی دیتا ہوں کہ وہ میرا رب ہے اور اس نے جو کچھ مجھ پر نازل کیا میں انھیں پہونچاتا ہوں ، کہیں ایسا نہ ہو کہ کوتاہی کی صور ت میں وہ عذاب نازل ہوجائے جس کا دفع کرنے والا کوئی نہ ہو...اس خدائے کریم نے مجھے یہ حکم دیا ہے کہ : اے رسول ! جو حکم تمہاری طرف علی کے بارے میں نازل کیا گیا ہے اسے پہونچا دو اور اگر تم ن
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نویسنده: مریم پورحسین
تاريخ: دوشنبه
28 خرداد
1403 ساعت: 15:01